तेज़ी बनाम धीमापन — भीतर क्या बदलता है
जब आप तेज़ होते हैं:
शरीर सिकुड़ा रहता है
साँस उथली होती है
विचार आगे भागते हैं
डर भविष्य में बैठा रहता है
आप जीवित होते हैं,
पर जी नहीं रहे होते।
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जब आप धीरे होते हैं:
शरीर फैलता है
साँस गहरी होती है
विचार पीछे हटते हैं
वर्तमान ठोस हो जाता है
आप कुछ खास नहीं करते,
फिर भी
सब सही जगह होने लगता है।