जागा हुआ व्यक्ति कैसा होता है?

वह कम प्रतिक्रिया देता है

ज़्यादा ठहरता है

कम साबित करता है

ज़्यादा सुनता है

उसके जीवन में:

संयोग बढ़ते हैं

ड्रामा घटता है

निर्णय सरल होते हैं

क्योंकि वह दुनिया के हिसाब से नहीं,
अस्तित्व की संगति में चलता है।

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