और जीवन फिट होने से नहीं, जागने से घटता है

यह सबसे निर्णायक पंक्ति है।

फिट होना मतलब—

स्वीकार्य होना

सुरक्षित होना

पहचाने जाना


लेकिन फिट होना
जीवन का लक्ष्य नहीं—
यह डर की रणनीति है।

जीवन घटता है
जब आप—

बिना पूरी तैयारी के महसूस करते हैं

बिना आश्वासन के सच बोलते हैं

बिना गारंटी के प्रेम करते हैं

बिना जल्दबाज़ी के निर्णय लेते हैं


यानी—

> जब आप जागते हैं।

जागना कोई आध्यात्मिक घटना नहीं—
यह एक सूक्ष्म असुविधा है
जो आपको सच के करीब रखती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *